गुह्यचक्रधर्मः। समतलपट्टधर्मस्य (२१ जन) अनन्तरं अत्र गुह्यचक्रम्: गुह्यचक्रधर्मः द्विबीजं कृपाकालः आपातिकद्वारम्। गुह्यचक्रधर्मः।
English (minimizable)
After capacity tablets (21 Jan), this post covers secret cycles: dual-key rotation, grace windows, break-glass and why eternal secrets are debt.
पूर्ण-शीर्षकम् / Full title
गुह्यचक्रधर्मः: A Metrical Codification of Secret-Cycle Dharma (with English glosses)
English · overview and topics (minimizable)
What this post is about
A secret that never turns is a door left open in slow motion. Dual live, cut old, log every hand.
Topics
- Why cycle
- Dual key
- Grace window
- Cut old
- Break-glass
- Access log
- Owner age
- Leak drill
- Not forever static
- Five limbs
- Close
- Seal
Sanskrit title
गुह्यचक्रधर्मः = dharma of the secret cycle.
English
Minimizable; Sanskrit-first.
परम्परा-सन्धिः / Series links
| पूर्वं / Prior | अत्र / Adds | न पुनः / Does not repeat |
|---|---|---|
| समतलपट्टधर्मः (२१ जन) | capacity | not secret age |
| प्रमाणपत्रचक्र | cert cycle | cousin theme |
| अत्र | secret rotation | - |
ग्राह्य-त्याज्य-विवेकः / Keep and avoid
ग्राह्यम् / Keep
१. always dual-live during rotate: dual
२. grace then hard revoke: grace
३. log every secret touch: log
४. age owners and pages: age
५. drill leak response: drill
त्याज्यम् / Avoid
- One static key forever
- Rotate by deleting first
- No grace for clients
- Break-glass without audit
अध्याय-योजना / Chapter plan
| प्रकरणम् | विषयः | छन्दः | श्लोकाः |
|---|---|---|---|
| १ | मङ्गलं बीजं च / Opening | अनुष्टुभ् | २ |
| २ | मूलतत्त्वानि / Core | अनुष्टुभ् | २ |
| ३ | मुख्यविधिः / Method | उपजाति | १ |
| ४ | रक्षा · विधिः / Guards | अनुष्टुभ् | २ |
| ५ | विवेक · सीमा / Judgment | अनुष्टुभ् | २ |
| ६ | पूर्वसन्धिः / Series links | उपजाति | १ |
| ७ | उपसंहारः / Close | अनुष्टुभ् | २ |
पारिभाषिक-कोशः / Glossary
| Modern English | संस्कृतम् | Note |
|---|---|---|
| secret cycle | गुह्यचक्रम् | rotation loop |
| dual key | द्विबीजम् | two live secrets |
| grace window | कृपाकालः | overlap period |
| break-glass | आपातिकद्वारम् | emergency open |
| revoke | निरसनम् | kill old key |
श्लोकः १ (अनुष्टुभ्)
अघूर्णे गुह्ये ऋणं वर्धते पथि सदा ॥१॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
अचलगुह्यं मन्दं उद्घाटितद्वारं तस्माद् घूर्णय ।
अघूर्णे गुह्ये ऋणं वर्धते पथि सदा ॥१॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| अचलगुह्यं | अचलगुह्यं |
| मन्दं | मन्दं |
| उद्घाटितद्वारं | उद्घाटितद्वारं |
| तस्माद् | तस्माद् |
| घूर्णय | घूर्णय |
| अघूर्णे | अघूर्णे |
| गुह्ये | गुह्ये |
| ऋणं | ऋणं |
| वर्धते | वर्धते |
| पथि | पथि |
| सदा | सदा |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
A static secret is a door opening slowly; turn the cycle.
Context / topic
why
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः २ (अनुष्टुभ्)
एकहते सेवा म्रियते सदा नित्यम् ॥२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
घूर्णने द्विबीजं जीवय एकं हत्वा मा आरभस्व ।
एकहते सेवा म्रियते सदा नित्यम् ॥२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| घूर्णने | घूर्णने |
| द्विबीजं | द्विबीजं |
| जीवय | जीवय |
| एकं | एकं |
| हत्वा | हत्वा |
| मा | मा |
| आरभस्व | आरभस्व |
| एकहते | एकहते |
| सेवा | सेवा |
| म्रियते | म्रियते |
| सदा | सदा |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Dual-live during rotate; kill-first rotation kills the service.
Context / topic
dual
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ३ (उपजाति)
पश्चाद् कठिनं निरसय सदा ।
सहसा मा छिन्दि सदा सम्यक् ।
एवं कृपाधर्मः सदा सम्यक् ॥३॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
कृपाकालं देहि ग्राहकेभ्यः हि ।
पश्चाद् कठिनं निरसय सदा ।
सहसा मा छिन्दि सदा सम्यक् ।
एवं कृपाधर्मः सदा सम्यक् ॥३॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| कृपाकालं | कृपाकालं |
| देहि | देहि |
| ग्राहकेभ्यः | ग्राहकेभ्यः |
| हि | हि |
| पश्चाद् | पश्चाद् |
| कठिनं | कठिनं |
| निरसय | निरसय |
| सदा | सदा |
| सहसा | सहसा |
| मा | मा |
| छिन्दि | छिन्दि |
| सम्यक् | सम्यक् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Grace for clients then hard revoke; never hard-cut first.
Context / topic
grace
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ४ (अनुष्टुभ्)
अत्यक्ते पुराणे द्वारं तिष्ठति नित्यम् ॥४॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
पुराणबीजं काले छिन्दि मा स्मृतौ त्यज ।
अत्यक्ते पुराणे द्वारं तिष्ठति नित्यम् ॥४॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| पुराणबीजं | पुराणबीजं |
| काले | काले |
| छिन्दि | छिन्दि |
| मा | मा |
| स्मृतौ | स्मृतौ |
| त्यज | त्यज |
| अत्यक्ते | अत्यक्ते |
| पुराणे | पुराणे |
| द्वारं | द्वारं |
| तिष्ठति | तिष्ठति |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Cut old keys on schedule; forgotten old keys stay as doors.
Context / topic
cut
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ५ (अनुष्टुभ्)
अलेखे द्वारे विश्वासो नश्यति नित्यम् ॥५॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
आपातिकद्वारं लेखय प्रत्येकं हस्तं लिख ।
अलेखे द्वारे विश्वासो नश्यति नित्यम् ॥५॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| आपातिकद्वारं | आपातिकद्वारं |
| लेखय | लेखय |
| प्रत्येकं | प्रत्येकं |
| हस्तं | हस्तं |
| लिख | लिख |
| अलेखे | अलेखे |
| द्वारे | द्वारे |
| विश्वासो | विश्वासो |
| नश्यति | नश्यति |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Break-glass must be written and every hand logged.
Context / topic
break
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ६ (अनुष्टुभ्)
मौने स्पर्शे चोरः हसति सदा नित्यम् ॥६॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
गुह्यस्पर्शं पञ्जिकायां नय मा मौनपथम् ।
मौने स्पर्शे चोरः हसति सदा नित्यम् ॥६॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| गुह्यस्पर्शं | गुह्यस्पर्शं |
| पञ्जिकायां | पञ्जिकायां |
| नय | नय |
| मा | मा |
| मौनपथम् | मौनपथम् |
| मौने | मौने |
| स्पर्शे | स्पर्शे |
| चोरः | चोरः |
| हसति | हसति |
| सदा | सदा |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Every secret touch in the log; silent paths delight thieves.
Context / topic
log
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ७ (अनुष्टुभ्)
अनाथे गुह्ये ऋणं गुप्तम् सदा नित्यम् ॥७॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
स्वामिनः आयुः मापय वृद्धौ शब्दं देहि ।
अनाथे गुह्ये ऋणं गुप्तम् सदा नित्यम् ॥७॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| स्वामिनः | स्वामिनः |
| आयुः | आयुः |
| मापय | मापय |
| वृद्धौ | वृद्धौ |
| शब्दं | शब्दं |
| देहि | देहि |
| अनाथे | अनाथे |
| गुह्ये | गुह्ये |
| ऋणं | ऋणं |
| गुप्तम् | गुप्तम् |
| सदा | सदा |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Age secret owners; orphan secrets are hidden debt.
Context / topic
age
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ८ (अनुष्टुभ्)
अप्रयोगे पलायनं मन्दम् हि नित्यम् ॥८॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
स्रावप्रयोगं काले कुरु मा केवलं शास्त्रम् ।
अप्रयोगे पलायनं मन्दम् हि नित्यम् ॥८॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| स्रावप्रयोगं | स्रावप्रयोगं |
| काले | काले |
| कुरु | कुरु |
| मा | मा |
| केवलं | केवलं |
| शास्त्रम् | शास्त्रम् |
| अप्रयोगे | अप्रयोगे |
| पलायनं | पलायनं |
| मन्दम् | मन्दम् |
| हि | हि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Drill leak response; paper-only plans flee slowly under fire.
Context / topic
drill
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ९ (अनुष्टुभ्)
घूर्णितबीजं पर्याप्तं पथि सदा सदा ॥९॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
नित्यस्थिरगुह्यं मा धारय पथि कदापि ।
घूर्णितबीजं पर्याप्तं पथि सदा सदा ॥९॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| नित्यस्थिरगुह्यं | नित्यस्थिरगुह्यं |
| मा | मा |
| धारय | धारय |
| पथि | पथि |
| कदापि | कदापि |
| घूर्णितबीजं | घूर्णितबीजं |
| पर्याप्तं | पर्याप्तं |
| सदा | सदा |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Do not hold forever-static secrets; turned keys are enough.
Context / topic
not static
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १० (उपजाति)
द्वारं स्पर्शं स्वामिनम् हि सम्यक् ।
स्रावं घूर्णनसत्यम् हि सम्यक् ।
पञ्चाङ्गं गुह्यचक्र उच्यते हि ॥१०॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
द्वयं कृपां छेदनम् हि सम्यक् ।
द्वारं स्पर्शं स्वामिनम् हि सम्यक् ।
स्रावं घूर्णनसत्यम् हि सम्यक् ।
पञ्चाङ्गं गुह्यचक्र उच्यते हि ॥१०॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| द्वयं | द्वयं |
| कृपां | कृपां |
| छेदनम् | छेदनम् |
| हि | हि |
| सम्यक् | सम्यक् |
| द्वारं | द्वारं |
| स्पर्शं | स्पर्शं |
| स्वामिनम् | स्वामिनम् |
| स्रावं | स्रावं |
| घूर्णनसत्यम् | घूर्णनसत्यम् |
| पञ्चाङ्गं | पञ्चाङ्गं |
| गुह्यचक्र | गुह्यचक्र |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Five limbs of secret-cycle dharma.
Context / topic
five
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ११ (अनुष्टुभ्)
मापितचक्रं कर्मयोग्यं तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥११॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
इति गुह्यसारः द्विबीजयुक्तः नित्यम् ।
मापितचक्रं कर्मयोग्यं तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥११॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| इति | इति |
| गुह्यसारः | गुह्यसारः |
| द्विबीजयुक्तः | द्विबीजयुक्तः |
| नित्यम् | नित्यम् |
| मापितचक्रं | मापितचक्रं |
| कर्मयोग्यं | कर्मयोग्यं |
| तन्त्रधर्मः | तन्त्रधर्मः |
| स | स |
| उच्यते | उच्यते |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Closing: operable secrets under dual-live rotation law.
Context / topic
close
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १२ (अनुष्टुभ्)
नित्यस्थिरं मा गुह्यधर्मः स उच्यते पथि ॥१२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
द्वयं जीवय कृपां देहि पुराणं छिन्दि स्पर्शं लिख ।
नित्यस्थिरं मा गुह्यधर्मः स उच्यते पथि ॥१२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| द्वयं | द्वयं |
| जीवय | जीवय |
| कृपां | कृपां |
| देहि | देहि |
| पुराणं | पुराणं |
| छिन्दि | छिन्दि |
| स्पर्शं | स्पर्शं |
| लिख | लिख |
| नित्यस्थिरं | नित्यस्थिरं |
| मा | मा |
| गुह्यधर्मः | गुह्यधर्मः |
| स | स |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Dual live, grace, cut old, log touch, never forever static.
Context / topic
seal
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकसूची / Verse index
१. चक्रं घूर्णय
२. द्वयं जीवय
३. कृपां देहि
४. पुराणं छिन्दि
५. द्वारं लेखय
६. स्पर्शं लिख
७. स्वामिनं मापय
८. स्रावं परीक्षस्व
९. पञ्चाङ्गं स्मर
१०. नित्यस्थिरं मा
११. सत्यं गुह्यं
१२. धर्मं धारय
सन्दर्भाः / References
- Secret rotation
- Key lifecycle
- Prior: tablet 21 Jan, cert-cycle themes