सन्धिसेतुधर्मः। पूर्वग्रहधर्मस्य (२९ जन) अनन्तरं अत्र सन्धिसेतुः: सन्धिसेतुधर्मः व्याघ्रलता मुखपटः छेदनकालः। सन्धिसेतुधर्मः।
English (minimizable)
After fore-grasp (29 Jan), this post covers bond bridges: strangler fig, adapters, facades and cutover windows so old and new can share one face without eternal glue.
पूर्ण-शीर्षकम् / Full title
सन्धिसेतुधर्मः: A Metrical Codification of Bond-Bridge Dharma (with English glosses)
English · overview and topics (minimizable)
What this post is about
A bridge lets two shores share traffic. Build it thin, name its end date and never worship the glue.
Topics
- Why bridge
- Strangler grow
- Adapter thin
- Facade one face
- Traffic shift
- End date
- Delete glue
- Meter both shores
- Not eternal adapter
- Five limbs
- Close
- Seal
Sanskrit title
सन्धिसेतुधर्मः = dharma of the bond bridge.
English
Minimizable; Sanskrit-first.
परम्परा-सन्धिः / Series links
| पूर्वं / Prior | अत्र / Adds | न पुनः / Does not repeat |
|---|---|---|
| पूर्वग्रहधर्मः (२९ जन) | warm next | not shore link |
| मिश्रलेखधर्मः (२७ जन) | dual write | pair |
| अत्र | compatibility bridge | - |
ग्राह्य-त्याज्य-विवेकः / Keep and avoid
ग्राह्यम् / Keep
१. grow new behind old face: strangle
२. keep adapters thin and boring: adapter
३. one facade for callers: facade
४. shift traffic by measured steps: shift
५. calendar the glue deletion: end
त्याज्यम् / Avoid
- Eternal adapter layer forever
- Big-bang rewrite no bridge
- Business logic inside adapters
- No delete date for glue
अध्याय-योजना / Chapter plan
| प्रकरणम् | विषयः | छन्दः | श्लोकाः |
|---|---|---|---|
| १ | मङ्गलं बीजं च / Opening | अनुष्टुभ् | २ |
| २ | मूलतत्त्वानि / Core | अनुष्टुभ् | २ |
| ३ | मुख्यविधिः / Method | उपजाति | १ |
| ४ | रक्षा · विधिः / Guards | अनुष्टुभ् | २ |
| ५ | विवेक · सीमा / Judgment | अनुष्टुभ् | २ |
| ६ | पूर्वसन्धिः / Series links | उपजाति | १ |
| ७ | उपसंहारः / Close | अनुष्टुभ् | २ |
पारिभाषिक-कोशः / Glossary
| Modern English | संस्कृतम् | Note |
|---|---|---|
| bond bridge | सन्धिसेतुः | compat span |
| strangler | व्याघ्रलता | grow over old |
| adapter | योजकपटः | thin join plate |
| facade | मुखपटः | one face |
| cutover window | छेदनकालः | switch period |
श्लोकः १ (अनुष्टुभ्)
स्थूले सेतौ लेपो देवो जायते नित्यम् ॥१॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
सेतुः द्वौ तीरौ एकपथे नयति तस्माद् तनुं कुरु ।
स्थूले सेतौ लेपो देवो जायते नित्यम् ॥१॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| सेतुः | सेतुः |
| द्वौ | द्वौ |
| तीरौ | तीरौ |
| एकपथे | एकपथे |
| नयति | नयति |
| तस्माद् | तस्माद् |
| तनुं | तनुं |
| कुरु | कुरु |
| स्थूले | स्थूले |
| सेतौ | सेतौ |
| लेपो | लेपो |
| देवो | देवो |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
A bridge joins two shores on one path; keep it thin or glue becomes god.
Context / topic
why
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः २ (अनुष्टुभ्)
सहसानवे अग्निर्जायते पथि सदा ॥२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
नवं पुराणमुखे वर्धय व्याघ्रलतया पथि ।
सहसानवे अग्निर्जायते पथि सदा ॥२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| नवं | नवं |
| पुराणमुखे | पुराणमुखे |
| वर्धय | वर्धय |
| व्याघ्रलतया | व्याघ्रलतया |
| पथि | पथि |
| सहसानवे | सहसानवे |
| अग्निर्जायते | अग्निर्जायते |
| सदा | सदा |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Grow new behind the old face like a strangler; sudden new is fire.
Context / topic
strangle
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ३ (उपजाति)
कथां मा तत्र लिख हि सम्यक् ।
नीरसं पर्याप्तम् सदा सम्यक् ।
एवं योजकधर्मः हि सम्यक् ॥३॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
योजकपटं तनुं कुरु सदा ।
कथां मा तत्र लिख हि सम्यक् ।
नीरसं पर्याप्तम् सदा सम्यक् ।
एवं योजकधर्मः हि सम्यक् ॥३॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| योजकपटं | योजकपटं |
| तनुं | तनुं |
| कुरु | कुरु |
| सदा | सदा |
| कथां | कथां |
| मा | मा |
| तत्र | तत्र |
| लिख | लिख |
| हि | हि |
| सम्यक् | सम्यक् |
| नीरसं | नीरसं |
| पर्याप्तम् | पर्याप्तम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Adapters thin and boring; never house the story there.
Context / topic
adapter
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ४ (अनुष्टुभ्)
द्विमुखे सन्धिर्भिद्यते पथि हि नित्यम् ॥४॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
मुखपटं एकं ग्राहकेभ्यः देहि मा द्विमुखम् ।
द्विमुखे सन्धिर्भिद्यते पथि हि नित्यम् ॥४॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| मुखपटं | मुखपटं |
| एकं | एकं |
| ग्राहकेभ्यः | ग्राहकेभ्यः |
| देहि | देहि |
| मा | मा |
| द्विमुखम् | द्विमुखम् |
| द्विमुखे | द्विमुखे |
| सन्धिर्भिद्यते | सन्धिर्भिद्यते |
| पथि | पथि |
| हि | हि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
One facade for callers; two faces split the contract.
Context / topic
facade
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ५ (अनुष्टुभ्)
आशायामेव भारे द्विसत्यम् हि नित्यम् ॥५॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
भारं शनैः नयेत् मापितसोपानेन मा आशया ।
आशायामेव भारे द्विसत्यम् हि नित्यम् ॥५॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| भारं | भारं |
| शनैः | शनैः |
| नयेत् | नयेत् |
| मापितसोपानेन | मापितसोपानेन |
| मा | मा |
| आशया | आशया |
| आशायामेव | आशायामेव |
| भारे | भारे |
| द्विसत्यम् | द्विसत्यम् |
| हि | हि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Shift traffic on measured steps; hope-only shift is dual truth.
Context / topic
shift
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ६ (अनुष्टुभ्)
अनन्ते लेपे ऋणं वर्धते पथि सदा ॥६॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
लेपस्यान्तं पञ्जिकायां लिख काले उद्धर ।
अनन्ते लेपे ऋणं वर्धते पथि सदा ॥६॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| लेपस्यान्तं | लेपस्यान्तं |
| पञ्जिकायां | पञ्जिकायां |
| लिख | लिख |
| काले | काले |
| उद्धर | उद्धर |
| अनन्ते | अनन्ते |
| लेपे | लेपे |
| ऋणं | ऋणं |
| वर्धते | वर्धते |
| पथि | पथि |
| सदा | सदा |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Calendar glue deletion; eternal glue is growing debt.
Context / topic
end
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ७ (अनुष्टुभ्)
पूजिते लेपे सेतुर्नश्यति हि नित्यम् ॥७॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
पुराणलेपं काले उद्धर मा पूजां कुरु ।
पूजिते लेपे सेतुर्नश्यति हि नित्यम् ॥७॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| पुराणलेपं | पुराणलेपं |
| काले | काले |
| उद्धर | उद्धर |
| मा | मा |
| पूजां | पूजां |
| कुरु | कुरु |
| पूजिते | पूजिते |
| लेपे | लेपे |
| सेतुर्नश्यति | सेतुर्नश्यति |
| हि | हि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Delete old glue on schedule; worshiping glue kills the bridge.
Context / topic
delete
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ८ (अनुष्टुभ्)
अमापे तीरे अन्धोत्कर्षः जायते सदा ॥८॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
उभौ तीरौ मापय भेदे शब्दं देहि पथि सदा ।
अमापे तीरे अन्धोत्कर्षः जायते सदा ॥८॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| उभौ | उभौ |
| तीरौ | तीरौ |
| मापय | मापय |
| भेदे | भेदे |
| शब्दं | शब्दं |
| देहि | देहि |
| पथि | पथि |
| सदा | सदा |
| अमापे | अमापे |
| तीरे | तीरे |
| अन्धोत्कर्षः | अन्धोत्कर्षः |
| जायते | जायते |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Meter both shores; unmetered promote is blind.
Context / topic
meter
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ९ (अनुष्टुभ्)
मितसेतुः पर्याप्तः पथि सदा नित्यम् ॥९॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
नित्ययोजको न धर्मः पथि कदापि हि ।
मितसेतुः पर्याप्तः पथि सदा नित्यम् ॥९॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| नित्ययोजको | नित्ययोजको |
| न | न |
| धर्मः | धर्मः |
| पथि | पथि |
| कदापि | कदापि |
| हि | हि |
| मितसेतुः | मितसेतुः |
| पर्याप्तः | पर्याप्तः |
| सदा | सदा |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Eternal adapter is not dharma; a measured bridge is enough.
Context / topic
not eternal
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १० (उपजाति)
भारं अन्तं लेपम् सदा सम्यक् ।
मापनं नित्यविवेकम् एव ।
पञ्चाङ्गं सन्धिसेतु उच्यते हि ॥१०॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
लतं योजकं मुखम् हि सम्यक् ।
भारं अन्तं लेपम् सदा सम्यक् ।
मापनं नित्यविवेकम् एव ।
पञ्चाङ्गं सन्धिसेतु उच्यते हि ॥१०॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| लतं | लतं |
| योजकं | योजकं |
| मुखम् | मुखम् |
| हि | हि |
| सम्यक् | सम्यक् |
| भारं | भारं |
| अन्तं | अन्तं |
| लेपम् | लेपम् |
| सदा | सदा |
| मापनं | मापनं |
| नित्यविवेकम् | नित्यविवेकम् |
| एव | एव |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Five limbs of bond-bridge dharma.
Context / topic
five
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ११ (अनुष्टुभ्)
मापितसन्धिः कर्मयोग्यः तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥११॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
इति सेतुसारः तनुलेपयुक्तः सदा ।
मापितसन्धिः कर्मयोग्यः तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥११॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| इति | इति |
| सेतुसारः | सेतुसारः |
| तनुलेपयुक्तः | तनुलेपयुक्तः |
| सदा | सदा |
| मापितसन्धिः | मापितसन्धिः |
| कर्मयोग्यः | कर्मयोग्यः |
| तन्त्रधर्मः | तन्त्रधर्मः |
| स | स |
| उच्यते | उच्यते |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Closing: operable migration under thin temporary glue law.
Context / topic
close
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १२ (अनुष्टुभ्)
नित्यलेपं मा सेतुधर्मः स उच्यते पथि ॥१२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
सेतुं देहि योजकं तनुं कुरु मुखं एकं कुरु ।
नित्यलेपं मा सेतुधर्मः स उच्यते पथि ॥१२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| सेतुं | सेतुं |
| देहि | देहि |
| योजकं | योजकं |
| तनुं | तनुं |
| कुरु | कुरु |
| मुखं | मुखं |
| एकं | एकं |
| नित्यलेपं | नित्यलेपं |
| मा | मा |
| सेतुधर्मः | सेतुधर्मः |
| स | स |
| उच्यते | उच्यते |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Bridge, thin adapter, one face, delete glue, never eternal layer.
Context / topic
seal
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकसूची / Verse index
१. सेतुं देहि
२. नवं वर्धय
३. योजकं तनुं कुरु
४. मुखं एकं कुरु
५. भारं शनैः नय
६. अन्तं लिख
७. लेपं उद्धर
८. उभौ मापय
९. पञ्चाङ्गं स्मर
१०. नित्यलेपं मा
११. सत्यं सेतुं
१२. धर्मं धारय
सन्दर्भाः / References
- Strangler fig
- Anti-corruption layer
- Prior: prefetch 29 Jan, dual-write 27 Jan