न्यासचिह्नधर्मः। पथछायाधर्मस्य (२३ जन) अनन्तरं अत्र न्यासचिह्नम्: न्यासचिह्नधर्मः सन्धिसंस्करणं योग्यता रीतिः। न्यासचिह्नधर्मः।
English (minimizable)
After path shadow (23 Jan), this post covers schema deposit marks: registry as source of truth, compatibility modes and why free-form payloads without a mark rot the fleet.
पूर्ण-शीर्षकम् / Full title
न्यासचिह्नधर्मः: A Metrical Codification of Deposit-Mark Dharma (with English glosses)
English · overview and topics (minimizable)
What this post is about
A schema is a vow deposited in a shared hall. Version the vow; name the mode; never ship unmarked clay.
Topics
- Why registry
- Deposit mark
- Compat mode
- Producer gate
- Consumer lag
- Deprecate field
- Breaking window
- Audit drift
- Not free-form forever
- Five limbs
- Close
- Seal
Sanskrit title
न्यासचिह्नधर्मः = dharma of the deposit mark.
English
Minimizable; Sanskrit-first.
परम्परा-सन्धिः / Series links
| पूर्वं / Prior | अत्र / Adds | न पुनः / Does not repeat |
|---|---|---|
| पथछायाधर्मः (२३ जन) | mirror traffic | not schema bone |
| नामकरणधर्मः (१८ जन) | names | cousin |
| अत्र | schema registry marks | - |
ग्राह्य-त्याज्य-विवेकः / Keep and avoid
ग्राह्यम् / Keep
१. registry is source of truth: truth
२. compat mode explicit per subject: mode
३. block produce on unknown mark: gate
४. consumers may lag one window: lag
५. breaking needs dual-read bridge: break
त्याज्यम् / Avoid
- Ship unmarked payloads
- Silent field delete
- Compat only tribal knowledge
- Force all consumers same day
अध्याय-योजना / Chapter plan
| प्रकरणम् | विषयः | छन्दः | श्लोकाः |
|---|---|---|---|
| १ | मङ्गलं बीजं च / Opening | अनुष्टुभ् | २ |
| २ | मूलतत्त्वानि / Core | अनुष्टुभ् | २ |
| ३ | मुख्यविधिः / Method | उपजाति | १ |
| ४ | रक्षा · विधिः / Guards | अनुष्टुभ् | २ |
| ५ | विवेक · सीमा / Judgment | अनुष्टुभ् | २ |
| ६ | पूर्वसन्धिः / Series links | उपजाति | १ |
| ७ | उपसंहारः / Close | अनुष्टुभ् | २ |
पारिभाषिक-कोशः / Glossary
| Modern English | संस्कृतम् | Note |
|---|---|---|
| schema registry | न्यासशाला | contract hall |
| deposit mark | न्यासचिह्नम् | schema id mark |
| compat mode | योग्यतारीतिः | backward forward |
| subject | विषयः | schema family |
| breaking change | भेदनपरिवर्तनम् | hard break |
श्लोकः १ (अनुष्टुभ्)
अचिह्ने मृत्तिका सर्वं रोति हि नित्यम् ॥१॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
न्यासः साधारणशालायां प्रतिज्ञा तस्माद् चिह्नं नय ।
अचिह्ने मृत्तिका सर्वं रोति हि नित्यम् ॥१॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| न्यासः | न्यासः |
| साधारणशालायां | साधारणशालायां |
| प्रतिज्ञा | प्रतिज्ञा |
| तस्माद् | तस्माद् |
| चिह्नं | चिह्नं |
| नय | नय |
| अचिह्ने | अचिह्ने |
| मृत्तिका | मृत्तिका |
| सर्वं | सर्वं |
| रोति | रोति |
| हि | हि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
A schema is a vow in a shared hall; mark it or clay rots the fleet.
Context / topic
why
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः २ (अनुष्टुभ्)
स्मृतितः भ्रंशो जायते पथि हि नित्यम् ॥२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
चिह्नं न्यासशालायाः सत्यं कुरु न स्मृतितः ।
स्मृतितः भ्रंशो जायते पथि हि नित्यम् ॥२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| चिह्नं | चिह्नं |
| न्यासशालायाः | न्यासशालायाः |
| सत्यं | सत्यं |
| कुरु | कुरु |
| न | न |
| स्मृतितः | स्मृतितः |
| भ्रंशो | भ्रंशो |
| जायते | जायते |
| पथि | पथि |
| हि | हि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Registry is truth not tribal memory; memory drifts.
Context / topic
truth
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ३ (उपजाति)
विषयं प्रति बध्नीहि सम्यक् ।
गुप्तरीतिं मा कुरु हि सम्यक् ।
एवं रीतिधर्मः सदा सम्यक् ॥३॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
योग्यतारीतिं स्फुटं लिख सदा ।
विषयं प्रति बध्नीहि सम्यक् ।
गुप्तरीतिं मा कुरु हि सम्यक् ।
एवं रीतिधर्मः सदा सम्यक् ॥३॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| योग्यतारीतिं | योग्यतारीतिं |
| स्फुटं | स्फुटं |
| लिख | लिख |
| सदा | सदा |
| विषयं | विषयं |
| प्रति | प्रति |
| बध्नीहि | बध्नीहि |
| सम्यक् | सम्यक् |
| गुप्तरीतिं | गुप्तरीतिं |
| मा | मा |
| कुरु | कुरु |
| हि | हि |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Name compat mode per subject; never hide the mode.
Context / topic
mode
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ४ (अनुष्टुभ्)
अज्ञाते लेखे कोशो भिद्यते हि नित्यम् ॥४॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
अज्ञातचिह्ने लेखनं रुन्धि मा आशया गच्छ ।
अज्ञाते लेखे कोशो भिद्यते हि नित्यम् ॥४॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| अज्ञातचिह्ने | अज्ञातचिह्ने |
| लेखनं | लेखनं |
| रुन्धि | रुन्धि |
| मा | मा |
| आशया | आशया |
| गच्छ | गच्छ |
| अज्ञाते | अज्ञाते |
| लेखे | लेखे |
| कोशो | कोशो |
| भिद्यते | भिद्यते |
| हि | हि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Block produce on unknown marks; hope splits the store.
Context / topic
gate
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ५ (अनुष्टुभ्)
सहसाच्छेदे बाणः शून्ये पतति सदा ॥५॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
उपभोक्तृविलंम्बं एककालं सहस्व मा सहसा ।
सहसाच्छेदे बाणः शून्ये पतति सदा ॥५॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| उपभोक्तृविलंम्बं | उपभोक्तृविलंम्बं |
| एककालं | एककालं |
| सहस्व | सहस्व |
| मा | मा |
| सहसा | सहसा |
| सहसाच्छेदे | सहसाच्छेदे |
| बाणः | बाणः |
| शून्ये | शून्ये |
| पतति | पतति |
| सदा | सदा |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Allow one consumer lag window; hard-cut aims into void.
Context / topic
lag
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ६ (अनुष्टुभ्)
मौनहते विश्वासो नश्यति पथि सदा ॥६॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
क्षेत्रावसादं कालेन घोषय मौनं मा हन्धि ।
मौनहते विश्वासो नश्यति पथि सदा ॥६॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| क्षेत्रावसादं | क्षेत्रावसादं |
| कालेन | कालेन |
| घोषय | घोषय |
| मौनं | मौनं |
| मा | मा |
| हन्धि | हन्धि |
| मौनहते | मौनहते |
| विश्वासो | विश्वासो |
| नश्यति | नश्यति |
| पथि | पथि |
| सदा | सदा |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Deprecate fields on a timeline out loud; silent death kills trust.
Context / topic
field
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ७ (अनुष्टुभ्)
असेतौ भेदे ग्राहकाः पतन्ति नित्यम् ॥७॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
भेदनपरिवर्तने द्विपठनसेतुं देहि पथि ।
असेतौ भेदे ग्राहकाः पतन्ति नित्यम् ॥७॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| भेदनपरिवर्तने | भेदनपरिवर्तने |
| द्विपठनसेतुं | द्विपठनसेतुं |
| देहि | देहि |
| पथि | पथि |
| असेतौ | असेतौ |
| भेदे | भेदे |
| ग्राहकाः | ग्राहकाः |
| पतन्ति | पतन्ति |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Breaking needs dual-read bridge; no bridge drops clients.
Context / topic
break
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ८ (अनुष्टुभ्)
मौनभ्रंशे अग्निर्वर्धते पथि नित्यम् ॥८॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
भ्रंशं पञ्जिकायां मापय अचिह्नवृद्धौ शब्दं देहि ।
मौनभ्रंशे अग्निर्वर्धते पथि नित्यम् ॥८॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| भ्रंशं | भ्रंशं |
| पञ्जिकायां | पञ्जिकायां |
| मापय | मापय |
| अचिह्नवृद्धौ | अचिह्नवृद्धौ |
| शब्दं | शब्दं |
| देहि | देहि |
| मौनभ्रंशे | मौनभ्रंशे |
| अग्निर्वर्धते | अग्निर्वर्धते |
| पथि | पथि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Meter drift and page on unmarked growth; silence grows fire.
Context / topic
drift
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ९ (अनुष्टुभ्)
मापितन्यासः पर्याप्तः पथि हि नित्यम् ॥९॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
अचिह्नमृत्तिका न धर्मः पथि कदापि ।
मापितन्यासः पर्याप्तः पथि हि नित्यम् ॥९॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| अचिह्नमृत्तिका | अचिह्नमृत्तिका |
| न | न |
| धर्मः | धर्मः |
| पथि | पथि |
| कदापि | कदापि |
| मापितन्यासः | मापितन्यासः |
| पर्याप्तः | पर्याप्तः |
| हि | हि |
| नित्यम् | नित्यम् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Unmarked free-form forever is not dharma; measured deposit is enough.
Context / topic
not free
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १० (उपजाति)
रोधं विलंम्बं क्षेत्रम् हि सम्यक् ।
सेतुं भ्रंशसत्यम् सदा सम्यक् ।
पञ्चाङ्गं न्यासचिह्न उच्यते हि ॥१०॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
चिह्नं शालां रीतिम् सदा सम्यक् ।
रोधं विलंम्बं क्षेत्रम् हि सम्यक् ।
सेतुं भ्रंशसत्यम् सदा सम्यक् ।
पञ्चाङ्गं न्यासचिह्न उच्यते हि ॥१०॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| चिह्नं | चिह्नं |
| शालां | शालां |
| रीतिम् | रीतिम् |
| सदा | सदा |
| सम्यक् | सम्यक् |
| रोधं | रोधं |
| विलंम्बं | विलंम्बं |
| क्षेत्रम् | क्षेत्रम् |
| हि | हि |
| सेतुं | सेतुं |
| भ्रंशसत्यम् | भ्रंशसत्यम् |
| पञ्चाङ्गं | पञ्चाङ्गं |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Five limbs of deposit-mark dharma.
Context / topic
five
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ११ (अनुष्टुभ्)
मापितसन्धिः कर्मयोग्यः तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥११॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
इति न्याससारः चिह्नसत्ययुक्तः सदा ।
मापितसन्धिः कर्मयोग्यः तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥११॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| इति | इति |
| न्याससारः | न्याससारः |
| चिह्नसत्ययुक्तः | चिह्नसत्ययुक्तः |
| सदा | सदा |
| मापितसन्धिः | मापितसन्धिः |
| कर्मयोग्यः | कर्मयोग्यः |
| तन्त्रधर्मः | तन्त्रधर्मः |
| स | स |
| उच्यते | उच्यते |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Closing: operable contracts under marked registry law.
Context / topic
close
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १२ (अनुष्टुभ्)
अचिह्नं मा न्यासधर्मः स उच्यते पथि ॥१२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
चिह्नं नय रीतिं लिख अज्ञातं रुन्धि भेदे सेतुं ।
अचिह्नं मा न्यासधर्मः स उच्यते पथि ॥१२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| चिह्नं | चिह्नं |
| नय | नय |
| रीतिं | रीतिं |
| लिख | लिख |
| अज्ञातं | अज्ञातं |
| रुन्धि | रुन्धि |
| भेदे | भेदे |
| सेतुं | सेतुं |
| अचिह्नं | अचिह्नं |
| मा | मा |
| न्यासधर्मः | न्यासधर्मः |
| स | स |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Mark, name mode, block unknown, bridge breaks, never unmarked clay.
Context / topic
seal
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकसूची / Verse index
१. चिह्नं नय
२. शालां सत्यं कुरु
३. रीतिं लिख
४. अज्ञातं रुन्धि
५. उपभोक्तृं सहस्व
६. क्षेत्रं अवसादय
७. भेदे सेतुं देहि
८. भ्रंशं मापय
९. पञ्चाङ्गं स्मर
१०. अचिह्नं मा
११. सत्यं न्यास
१२. धर्मं धारय
सन्दर्भाः / References
- Schema registry ops
- Compatibility gates
- Prior: shadow 23 Jan, naming 18 Jan