स्मृतिसेवाधर्मः। छायाप्रतिलिपिधर्मस्य (१३ दिसं) अनन्तरं अत्र वेगपथो गभीरः: स्मृतिसेवा एकानयनं पङ्क्तिभङ्गः पूर्तिमापः। स्मृतिसेवाधर्मः।
English (minimizable)
After snapshots (13 Dec), deepened cache dharma: hot working set only, freshness budgets, singleflight on miss, source-ordered writes, tiered local/shared memory, hit and eviction signals and short-lived secrets.
पूर्ण-शीर्षकम् / Full title
स्मृतिसेवाधर्मः: A Metrical Codification of Cache Service Dharma (with English glosses)
English · overview and topics (minimizable)
What this post is about
Cache is a lie that must stay profitable: small, fresh and honest about misses.
Topics
- Hot working set
- Freshness budget
- TTL and targeted purge
- Singleflight on miss
- Source-ordered writes
- Local vs shared tiers
- Hit and eviction meters
- Secrets short-lived
- Not a durable store
- Five limbs
- Close
- Seal
Sanskrit title
स्मृतिसेवाधर्मः = dharma of the memory service.
English
Minimizable; Sanskrit-first.
परम्परा-सन्धिः / Series links
| पूर्वं / Prior | अत्र / Adds | न पुनः / Does not repeat |
|---|---|---|
| छायाप्रतिलिपिधर्मः (१३ दिसं) | frozen image | not hot RAM |
| सञ्चयधर्मः | durable store | source of truth |
| सत्रधर्मः | session blob | not general cache |
| अत्र | cache speed path | - |
ग्राह्य-त्याज्य-विवेकः / Keep and avoid
ग्राह्यम् / Keep
१. size to working set: not full corpus
२. TTL plus explicit invalidate: freshness
३. singleflight stampede control: one fetch
४. write source then bust cache: order
५. meter hits and evictions: no blind layer
त्याज्यम् / Avoid
- Eternal full-table cache
- No TTL on mutable rows
- Thundering herd to origin
- JWT forever in Redis
अध्याय-योजना / Chapter plan
| प्रकरणम् | विषयः | छन्दः | श्लोकाः |
|---|---|---|---|
| १ | मङ्गलं बीजं च / Opening | अनुष्टुभ् | २ |
| २ | मूलतत्त्वानि / Core | अनुष्टुभ् | २ |
| ३ | मुख्यविधिः / Method | उपजाति | १ |
| ४ | रक्षा · विधिः / Guards | अनुष्टुभ् | २ |
| ५ | विवेक · सीमा / Judgment | अनुष्टुभ् | २ |
| ६ | पूर्वसन्धिः / Series links | उपजाति | १ |
| ७ | उपसंहारः / Close | अनुष्टुभ् | २ |
पारिभाषिक-कोशः / Glossary
| Modern English | संस्कृतम् | Note |
|---|---|---|
| cache | स्मृतिसेवा | hot path RAM/service |
| singleflight | एकानयनम् | coalesced miss |
| TTL | आयुर्घटी | life clock |
| hit rate | पूर्तिमापः | hits/asks |
| eviction | निष्कासनम् | make room |
श्लोकः १ (अनुष्टुभ्)
पूर्णकोशस्मृतिः भारं दत्वा वेगमपि नाशयेत् ॥१॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
उष्णकार्यराशिं स्मृतौ धरेत् शीतं मा आकर्षय ।
पूर्णकोशस्मृतिः भारं दत्वा वेगमपि नाशयेत् ॥१॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| उष्णकार्यराशिं | उष्णकार्यराशिं |
| स्मृतौ | स्मृतौ |
| धरेत् | धरेत् |
| शीतं | शीतं |
| मा | मा |
| आकर्षय | आकर्षय |
| पूर्णकोशस्मृतिः | पूर्णकोशस्मृतिः |
| भारं | भारं |
| दत्वा | दत्वा |
| वेगमपि | वेगमपि |
| नाशयेत् | नाशयेत् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Hold the hot working set; dragging the cold corpus kills speed and budget.
Context / topic
working set
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः २ (अनुष्टुभ्)
आयुर्घटीं योजय नित्यं कुञ्चिकया च शोधय ॥२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
मिथ्यास्मृतिः शत्रुतोऽपि गरीयसी मन्दसत्यतः ।
आयुर्घटीं योजय नित्यं कुञ्चिकया च शोधय ॥२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| मिथ्यास्मृतिः | मिथ्यास्मृतिः |
| शत्रुतोऽपि | शत्रुतोऽपि |
| गरीयसी | गरीयसी |
| मन्दसत्यतः | मन्दसत्यतः |
| आयुर्घटीं | आयुर्घटीं |
| योजय | योजय |
| नित्यं | नित्यं |
| कुञ्चिकया | कुञ्चिकया |
| च | च |
| शोधय | शोधय |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
A wrong hit is worse than a slow miss; clock life and purge by key.
Context / topic
freshness
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ३ (उपजाति)
पूर्णे पुराणं बहिः कुरु सदा ।
एककुञ्चिकां पृथक् शोधय हि ।
एवं स्मृतिजीवनं शुचि स्यात् ॥३॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
आयुर्घटीं स्मृतौ बध्नीहि सदा ।
पूर्णे पुराणं बहिः कुरु सदा ।
एककुञ्चिकां पृथक् शोधय हि ।
एवं स्मृतिजीवनं शुचि स्यात् ॥३॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| आयुर्घटीं | आयुर्घटीं |
| स्मृतौ | स्मृतौ |
| बध्नीहि | बध्नीहि |
| सदा | सदा |
| पूर्णे | पूर्णे |
| पुराणं | पुराणं |
| बहिः | बहिः |
| कुरु | कुरु |
| एककुञ्चिकां | एककुञ्चिकां |
| पृथक् | पृथक् |
| शोधय | शोधय |
| हि | हि |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
TTL, pressure eviction, key purge: the life cycle.
Context / topic
lifecycle
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ४ (अनुष्टुभ्)
स्मृतिपूर्वलेखने असत्यबीजं प्ररोहति पथि ॥४॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
लेखने मूलं पूर्वं बध्नीहि पश्चात् स्मृतिं दूषय ।
स्मृतिपूर्वलेखने असत्यबीजं प्ररोहति पथि ॥४॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| लेखने | लेखने |
| मूलं | मूलं |
| पूर्वं | पूर्वं |
| बध्नीहि | बध्नीहि |
| पश्चात् | पश्चात् |
| स्मृतिं | स्मृतिं |
| दूषय | दूषय |
| स्मृतिपूर्वलेखने | स्मृतिपूर्वलेखने |
| असत्यबीजं | असत्यबीजं |
| प्ररोहति | प्ररोहति |
| पथि | पथि |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Bind source first then dirty or delete the cache entry.
Context / topic
write order
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ५ (अनुष्टुभ्)
एकानयनं मन्दवृष्ट्या च उत्पत्तिं रक्ष पथि ॥५॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
पङ्क्तिभङ्गे एकमेव आनय न सर्वान् धावय ।
एकानयनं मन्दवृष्ट्या च उत्पत्तिं रक्ष पथि ॥५॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| पङ्क्तिभङ्गे | पङ्क्तिभङ्गे |
| एकमेव | एकमेव |
| आनय | आनय |
| न | न |
| सर्वान् | सर्वान् |
| धावय | धावय |
| एकानयनं | एकानयनं |
| मन्दवृष्ट्या | मन्दवृष्ट्या |
| च | च |
| उत्पत्तिं | उत्पत्तिं |
| रक्ष | रक्ष |
| पथि | पथि |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
On mass expiry one fetch serves many; singleflight plus jitter.
Context / topic
singleflight
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ६ (अनुष्टुभ्)
सामञ्जस्यमूल्यं ज्ञात्वा स्तरं योजय विवेकेन ॥६॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
स्थानीयलघु स्मृतिः पृथक् साझा दूरस्मृतिश्च ।
सामञ्जस्यमूल्यं ज्ञात्वा स्तरं योजय विवेकेन ॥६॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| स्थानीयलघु | स्थानीयलघु |
| स्मृतिः | स्मृतिः |
| पृथक् | पृथक् |
| साझा | साझा |
| दूरस्मृतिश्च | दूरस्मृतिश्च |
| सामञ्जस्यमूल्यं | सामञ्जस्यमूल्यं |
| ज्ञात्वा | ज्ञात्वा |
| स्तरं | स्तरं |
| योजय | योजय |
| विवेकेन | विवेकेन |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Process-local and shared remote caches have different coherence prices.
Context / topic
tiers
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ७ (अनुष्टुभ्)
अन्धस्मृतिसेवा दोषं गोपयति न तु शमयति ॥७॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
पूर्तिमापं पतनमापं स्मृतिमापं नित्यं पश्य ।
अन्धस्मृतिसेवा दोषं गोपयति न तु शमयति ॥७॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| पूर्तिमापं | पूर्तिमापं |
| पतनमापं | पतनमापं |
| स्मृतिमापं | स्मृतिमापं |
| नित्यं | नित्यं |
| पश्य | पश्य |
| अन्धस्मृतिसेवा | अन्धस्मृतिसेवा |
| दोषं | दोषं |
| गोपयति | गोपयति |
| न | न |
| तु | तु |
| शमयति | शमयति |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Meter hits, evictions, memory; a blind cache hides fires.
Context / topic
meters
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ८ (अनुष्टुभ्)
चिरगुह्यसाझास्मृतौ शत्रुपठनं सुलभं ॥८॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
गुह्यं स्मृतौ ह्रस्वायुष्कं कुरु दीर्घं मूले रक्ष ।
चिरगुह्यसाझास्मृतौ शत्रुपठनं सुलभं ॥८॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| गुह्यं | गुह्यं |
| स्मृतौ | स्मृतौ |
| ह्रस्वायुष्कं | ह्रस्वायुष्कं |
| कुरु | कुरु |
| दीर्घं | दीर्घं |
| मूले | मूले |
| रक्ष | रक्ष |
| चिरगुह्यसाझास्मृतौ | चिरगुह्यसाझास्मृतौ |
| शत्रुपठनं | शत्रुपठनं |
| सुलभं | सुलभं |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Short-lived secrets only in hot shared memory; long secrets stay vaulted.
Context / topic
secrets
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ९ (अनुष्टुभ्)
नामभेदेन सेवयोर्धर्मं मा सम्मिलय पथि ॥९॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
सञ्चयः सत्यं धारयति स्मृतिस्तु वेगं कथयति ।
नामभेदेन सेवयोर्धर्मं मा सम्मिलय पथि ॥९॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| सञ्चयः | सञ्चयः |
| सत्यं | सत्यं |
| धारयति | धारयति |
| स्मृतिस्तु | स्मृतिस्तु |
| वेगं | वेगं |
| कथयति | कथयति |
| नामभेदेन | नामभेदेन |
| सेवयोर्धर्मं | सेवयोर्धर्मं |
| मा | मा |
| सम्मिलय | सम्मिलय |
| पथि | पथि |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Store holds truth; cache narrates speed. Do not rename one as the other.
Context / topic
vs store
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १० (उपजाति)
एकानयनं लेखक्रमं च हि ।
पूर्तिं गुह्यायूश्च पश्य सम्यक् ।
पञ्चाङ्गं स्मृतिधर्म उच्यते हि ॥१०॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
उष्णतां सत्यतां च रक्ष सदा ।
एकानयनं लेखक्रमं च हि ।
पूर्तिं गुह्यायूश्च पश्य सम्यक् ।
पञ्चाङ्गं स्मृतिधर्म उच्यते हि ॥१०॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| उष्णतां | उष्णतां |
| सत्यतां | सत्यतां |
| च | च |
| रक्ष | रक्ष |
| सदा | सदा |
| एकानयनं | एकानयनं |
| लेखक्रमं | लेखक्रमं |
| हि | हि |
| पूर्तिं | पूर्तिं |
| गुह्यायूश्च | गुह्यायूश्च |
| पश्य | पश्य |
| सम्यक् | सम्यक् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Five limbs: hot set, freshness, singleflight writes, meters, short secrets.
Context / topic
five
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ११ (अनुष्टुभ्)
मापितवेगः कर्मयोग्यः स्मृतिधर्मः स उच्यते ॥११॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
इति स्मृतिसेवासारः लघुसत्यसमन्वितः ।
मापितवेगः कर्मयोग्यः स्मृतिधर्मः स उच्यते ॥११॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| इति | इति |
| स्मृतिसेवासारः | स्मृतिसेवासारः |
| लघुसत्यसमन्वितः | लघुसत्यसमन्वितः |
| मापितवेगः | मापितवेगः |
| कर्मयोग्यः | कर्मयोग्यः |
| स्मृतिधर्मः | स्मृतिधर्मः |
| स | स |
| उच्यते | उच्यते |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Closing: measured speed that still bows to source truth.
Context / topic
close
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १२ (अनुष्टुभ्)
पूर्तिं पश्य गुह्यं ह्रस्वं स्मृतिधर्मः स उच्यते ॥१२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
उष्णं धरेत् आयुं बध्नीहि एकं आनय मूलं ।
पूर्तिं पश्य गुह्यं ह्रस्वं स्मृतिधर्मः स उच्यते ॥१२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| उष्णं | उष्णं |
| धरेत् | धरेत् |
| आयुं | आयुं |
| बध्नीहि | बध्नीहि |
| एकं | एकं |
| आनय | आनय |
| मूलं | मूलं |
| पूर्तिं | पूर्तिं |
| पश्य | पश्य |
| गुह्यं | गुह्यं |
| ह्रस्वं | ह्रस्वं |
| स्मृतिधर्मः | स्मृतिधर्मः |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Hot, timed, singleflight, source-first, metered, short secrets.
Context / topic
seal
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकसूची / Verse index
१. उष्णमात्रं धरेत्
२. आयुं बध्नीहि
३. एकं आनय
४. मूलं पूर्वं लिख
५. स्तरं विभज
६. पूर्तिं पश्य
७. गुह्यं ह्रस्वं कुरु
८. सञ्चयं मा वद
९. पञ्चाङ्गं स्मर
१०. मिथ्यावेगं त्यज
११. लघुसत्यं सेवय
१२. धर्मं धारय
सन्दर्भाः / References
- Cache aside singleflight patterns
- SRE stampede notes
- Prior: snapshot 13 Dec