छायाप्रतिलिपिधर्मः। प्रश्नयोजनाधर्मस्य (१२ दिसं) अनन्तरं अत्र क्षणबद्धं बिम्बम् गभीरम्: छायाप्रतिलिपिः लेखनरोधः भेदधारणं उद्धारपरीक्षा। छायाप्रतिलिपिधर्मः।
English (minimizable)
After query planning (12 Dec), this deepened post on snapshots: crash-consistent cuts, IO fences, copy-on-write thrift, retention clocks, restore game days, ACL parity with live data and off-site placement versus streaming replicas.
पूर्ण-शीर्षकम् / Full title
छायाप्रतिलिपिधर्मः: A Metrical Codification of Snapshot and Shadow-Copy Dharma (with English glosses)
English · overview and topics (minimizable)
What this post is about
A snapshot is a named frozen cut of state. Restore lives or dies by whether that cut was clean tested and reachable outside the blast radius.
Topics
- Crash-consistent cut
- PIT not streaming race
- IO fence then release
- Copy-on-write thrift
- Retention clock
- Restore game day
- ACL parity
- Off-site domain
- Replica is not snapshot
- Five limbs
- Close
- Seal
Sanskrit title
छायाप्रतिलिपिधर्मः = dharma of the shadow copy.
English
Minimizable; Sanskrit-first.
परम्परा-सन्धिः / Series links
| पूर्वं / Prior | अत्र / Adds | न पुनः / Does not repeat |
|---|---|---|
| प्रश्नयोजनाधर्मः (१२ दिसं) | plan reads | not freeze state |
| आपत्कालप्रतिलिपिः | DR streams | continuous vs cut |
| लेखनाग्रधर्मः | WAL | log not image |
| अत्र | PIT shadow image | - |
ग्राह्य-त्याज्य-विवेकः / Keep and avoid
ग्राह्यम् / Keep
१. name the cut instant: always
२. fence writers then snapshot: crash-clean
३. store deltas not full twins: cost
४. TTL plus quarterly restore drill: prove
५. same crypto/ACL off-site: survive loss
त्याज्यम् / Avoid
- Unrestored snapshot piles as comfort
- Calling replica lag a backup
- Open S3 dumps of prod disks
- Forever-full clones only
अध्याय-योजना / Chapter plan
| प्रकरणम् | विषयः | छन्दः | श्लोकाः |
|---|---|---|---|
| १ | मङ्गलं बीजं च / Opening | अनुष्टुभ् | २ |
| २ | मूलतत्त्वानि / Core | अनुष्टुभ् | २ |
| ३ | मुख्यविधिः / Method | उपजाति | १ |
| ४ | रक्षा · विधिः / Guards | अनुष्टुभ् | २ |
| ५ | विवेक · सीमा / Judgment | अनुष्टुभ् | २ |
| ६ | पूर्वसन्धिः / Series links | उपजाति | १ |
| ७ | उपसंहारः / Close | अनुष्टुभ् | २ |
पारिभाषिक-कोशः / Glossary
| Modern English | संस्कृतम् | Note |
|---|---|---|
| snapshot | छायाप्रतिलिपिः / बिम्बम् | frozen named cut |
| fence | लेखनरोधः | brief IO pause |
| CoW | भेदलेखनम् | delta pages |
| restore drill | उद्धारपरीक्षा | game day |
| off-site | क्षेत्रान्तरम् | other domain |
श्लोकः १ (अनुष्टुभ्)
अनामकाले तु छाया मिथ्यामात्रं भवेत् पथि ॥१॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
यदा बिम्बं नाम्ना बद्धं तदा उद्धारपथः जागर्ति ।
अनामकाले तु छाया मिथ्यामात्रं भवेत् पथि ॥१॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| यदा | यदा |
| बिम्बं | बिम्बं |
| नाम्ना | नाम्ना |
| बद्धं | बद्धं |
| तदा | तदा |
| उद्धारपथः | उद्धारपथः |
| जागर्ति | जागर्ति |
| अनामकाले | अनामकाले |
| तु | तु |
| छाया | छाया |
| मिथ्यामात्रं | मिथ्यामात्रं |
| भवेत् | भवेत् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
A named cut wakes a restore path; an anonymous blob is comfort theater.
Context / topic
named cut
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः २ (अनुष्टुभ्)
क्षणे बद्धा प्रतिमा तु सत्यबिम्बं प्रयच्छति ॥२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
चलज्जगति दीर्घप्रतिलिपिः स्वयमेव दूष्यते ।
क्षणे बद्धा प्रतिमा तु सत्यबिम्बं प्रयच्छति ॥२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| चलज्जगति | चलज्जगति |
| दीर्घप्रतिलिपिः | दीर्घप्रतिलिपिः |
| स्वयमेव | स्वयमेव |
| दूष्यते | दूष्यते |
| क्षणे | क्षणे |
| बद्धा | बद्धा |
| प्रतिमा | प्रतिमा |
| तु | तु |
| सत्यबिम्बं | सत्यबिम्बं |
| प्रयच्छति | प्रयच्छति |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Long live copies race writers; only a moment-bound image stays true.
Context / topic
PIT
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ३ (उपजाति)
ततो बिम्बं नाम्ना बध्नीहि सदा ।
पश्चाद् द्वारं पुनः उद्धाटय हि ।
एवं शुद्धच्छाया जायते सदा ॥३॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
लेखकान् क्षणं रुन्धि पथे सदा ।
ततो बिम्बं नाम्ना बध्नीहि सदा ।
पश्चाद् द्वारं पुनः उद्धाटय हि ।
एवं शुद्धच्छाया जायते सदा ॥३॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| लेखकान् | लेखकान् |
| क्षणं | क्षणं |
| रुन्धि | रुन्धि |
| पथे | पथे |
| सदा | सदा |
| ततो | ततो |
| बिम्बं | बिम्बं |
| नाम्ना | नाम्ना |
| बध्नीहि | बध्नीहि |
| पश्चाद् | पश्चाद् |
| द्वारं | द्वारं |
| पुनः | पुनः |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Pause writers, stamp the name, reopen. That is the fence.
Context / topic
fence
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ४ (अनुष्टुभ्)
भेदपृष्ठं धारय यत्र लेखनं विरलं पथि ॥४॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
पूर्णद्विगुणं कोशं मा कुरु व्ययो हि वर्धते ।
भेदपृष्ठं धारय यत्र लेखनं विरलं पथि ॥४॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| पूर्णद्विगुणं | पूर्णद्विगुणं |
| कोशं | कोशं |
| मा | मा |
| कुरु | कुरु |
| व्ययो | व्ययो |
| हि | हि |
| वर्धते | वर्धते |
| भेदपृष्ठं | भेदपृष्ठं |
| धारय | धारय |
| यत्र | यत्र |
| लेखनं | लेखनं |
| विरलं | विरलं |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Prefer CoW page deltas over doubling every cold byte.
Context / topic
CoW
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ५ (अनुष्टुभ्)
जीर्णबिम्बे विश्वासो हि शून्यरक्षां प्रयच्छति ॥५॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
बिम्बायुषं घटीं योजय मा अनन्तपङ्क्तिं कुरु ।
जीर्णबिम्बे विश्वासो हि शून्यरक्षां प्रयच्छति ॥५॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| बिम्बायुषं | बिम्बायुषं |
| घटीं | घटीं |
| योजय | योजय |
| मा | मा |
| अनन्तपङ्क्तिं | अनन्तपङ्क्तिं |
| कुरु | कुरु |
| जीर्णबिम्बे | जीर्णबिम्बे |
| विश्वासो | विश्वासो |
| हि | हि |
| शून्यरक्षां | शून्यरक्षां |
| प्रयच्छति | प्रयच्छति |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Clock each image’s life; ancient cuts buy false calm.
Context / topic
TTL
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ६ (अनुष्टुभ्)
अक्रीडितच्छाया संकटे मन्दफलं ददाति हि ॥६॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
उद्धारं क्रीडने कुरु न तु केवलं निर्माणे ।
अक्रीडितच्छाया संकटे मन्दफलं ददाति हि ॥६॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| उद्धारं | उद्धारं |
| क्रीडने | क्रीडने |
| कुरु | कुरु |
| न | न |
| तु | तु |
| केवलं | केवलं |
| निर्माणे | निर्माणे |
| अक्रीडितच्छाया | अक्रीडितच्छाया |
| संकटे | संकटे |
| मन्दफलं | मन्दफलं |
| ददाति | ददाति |
| हि | हि |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Game-day the restore path; unplayed images fail under fire.
Context / topic
drill
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ७ (अनुष्टुभ्)
शिथिलकुञ्चिकायां छाया शत्रुकोशो भवेत् पथि ॥७॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
बिम्बे गुह्यं समं रक्ष यथा जीवे तथैव हि ।
शिथिलकुञ्चिकायां छाया शत्रुकोशो भवेत् पथि ॥७॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| बिम्बे | बिम्बे |
| गुह्यं | गुह्यं |
| समं | समं |
| रक्ष | रक्ष |
| यथा | यथा |
| जीवे | जीवे |
| तथैव | तथैव |
| हि | हि |
| शिथिलकुञ्चिकायां | शिथिलकुञ्चिकायां |
| छाया | छाया |
| शत्रुकोशो | शत्रुकोशो |
| भवेत् | भवेत् |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Encrypt and ACL the cut like live disks; loose keys make enemy stores.
Context / topic
ACL
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ८ (अनुष्टुभ्)
द्वितीयक्षेत्रे बिम्बं धरेत् उद्धारार्थं सदा ॥८॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
एकगेहे सर्वं मा धरेत् नाशे सर्वमेव नश्येत् ।
द्वितीयक्षेत्रे बिम्बं धरेत् उद्धारार्थं सदा ॥८॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| एकगेहे | एकगेहे |
| सर्वं | सर्वं |
| मा | मा |
| धरेत् | धरेत् |
| नाशे | नाशे |
| सर्वमेव | सर्वमेव |
| नश्येत् | नश्येत् |
| द्वितीयक्षेत्रे | द्वितीयक्षेत्रे |
| बिम्बं | बिम्बं |
| उद्धारार्थं | उद्धारार्थं |
| सदा | सदा |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
A second region holds the cut when the first house burns.
Context / topic
offsite
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ९ (अनुष्टुभ्)
द्वयं मा एकनाम्ना वद धर्मभेदं विजानीहि ॥९॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
स्रोतप्रवाहः जीवन् वहति बिम्बं तु मृतक्षणम् ।
द्वयं मा एकनाम्ना वद धर्मभेदं विजानीहि ॥९॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| स्रोतप्रवाहः | स्रोतप्रवाहः |
| जीवन् | जीवन् |
| वहति | वहति |
| बिम्बं | बिम्बं |
| तु | तु |
| मृतक्षणम् | मृतक्षणम् |
| द्वयं | द्वयं |
| मा | मा |
| एकनाम्ना | एकनाम्ना |
| वद | वद |
| धर्मभेदं | धर्मभेदं |
| विजानीहि | विजानीहि |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Streaming replica is alive; snapshot is a dead instant. Keep names distinct.
Context / topic
vs replica
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १० (उपजाति)
भेदं आयुर्घटीं च धरेत् सदा ।
उद्धारक्रीडां क्षेत्रद्वयम् सदा ।
पञ्चाङ्गं छायाधर्म उच्यते हि ॥१०॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
नामबद्धं शुद्धरोधं च सदा ।
भेदं आयुर्घटीं च धरेत् सदा ।
उद्धारक्रीडां क्षेत्रद्वयम् सदा ।
पञ्चाङ्गं छायाधर्म उच्यते हि ॥१०॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| नामबद्धं | नामबद्धं |
| शुद्धरोधं | शुद्धरोधं |
| च | च |
| सदा | सदा |
| भेदं | भेदं |
| आयुर्घटीं | आयुर्घटीं |
| धरेत् | धरेत् |
| उद्धारक्रीडां | उद्धारक्रीडां |
| क्षेत्रद्वयम् | क्षेत्रद्वयम् |
| पञ्चाङ्गं | पञ्चाङ्गं |
| छायाधर्म | छायाधर्म |
| उच्यते | उच्यते |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
English sense
Five limbs: name, fence, delta, TTL clock, tested off-site restore.
Context / topic
five
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ११ (अनुष्टुभ्)
शुद्धबिम्बं कर्मयोग्यं रक्षादर्मः स उच्यते ॥११॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
इति छायाप्रतिलिपिसारः क्षणनामसमन्वितः ।
शुद्धबिम्बं कर्मयोग्यं रक्षादर्मः स उच्यते ॥११॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| इति | इति |
| छायाप्रतिलिपिसारः | छायाप्रतिलिपिसारः |
| क्षणनामसमन्वितः | क्षणनामसमन्वितः |
| शुद्धबिम्बं | शुद्धबिम्बं |
| कर्मयोग्यं | कर्मयोग्यं |
| रक्षादर्मः | रक्षादर्मः |
| स | स |
| उच्यते | उच्यते |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Closing: a clean named operable image is the backup dharma.
Context / topic
close
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १२ (अनुष्टुभ्)
क्षेत्रे गुह्यसमं धरेत् छायाधर्मः स उच्यते ॥१२॥
पदच्छेदः · Word-for-word · English (minimizable)
पदच्छेदः
नाम कुरु रोधं कुरु आयुं मितं उद्धारं क्रीडय ।
क्षेत्रे गुह्यसमं धरेत् छायाधर्मः स उच्यते ॥१२॥
Word-for-word
| संस्कृतपदम् | Word-for-word English |
|---|---|
| नाम | नाम |
| कुरु | कुरु |
| रोधं | रोधं |
| आयुं | आयुं |
| मितं | मितं |
| उद्धारं | उद्धारं |
| क्रीडय | क्रीडय |
| क्षेत्रे | क्षेत्रे |
| गुह्यसमं | गुह्यसमं |
| धरेत् | धरेत् |
| छायाधर्मः | छायाधर्मः |
| स | स |
Gloss table
| पदम् | अर्थः / sense |
|---|---|
| धर्मः | dharma |
| मितम् | measured |
English sense
Name, fence, age, drill, place and guard. That is snapshot dharma.
Context / topic
seal
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकसूची / Verse index
१. क्षणं नाम्ना बध्नीहि
२. लेखकान् रुन्धि
३. भेदपृष्ठं धरेत्
४. आयुर्घटीं योजय
५. उद्धारं क्रीडय
६. गुह्यसाम्यं रक्ष
७. क्षेत्रे द्वितीयं धरेत्
८. स्रोतप्रवाहं मा मिलय
९. पञ्चाङ्गं स्मर
१०. मिथ्याशान्तिं त्यज
११. बिम्बं कर्मयोग्यं कुरु
१२. धर्मं धारय
सन्दर्भाः / References
- Crash-consistent snapshot design
- Restore game days in SRE books
- Prior: query plan 12 Dec