प्रयोगन्यायः। छायातुलनायां (२० अगस्त) तमसि दृष्टिः। अत्र मितप्रयोगैः जनदृश्यं सत्यम्। कैनरी, ए/बी, यादृच्छिकीकरणम्, शक्तिः, नैतिकसीमा। न गर्वप्रयोगः; मितसत्यप्रयोगः।
English · overview (minimizable)
English title
प्रयोगन्यायः: A Metrical Codification of Experimentation and A/B Tests
Context and topics
This verse treatise is part of the 2026 Sanskrit systems series (reader format). Primary topics: experimentation, ab-test, canary, delivery and metrics.
How to read
- Default view is Sanskrit-first (verses and Devanāgarī apparatus).
- Open other
<details>blocks for पदच्छेद and gloss tables where present. - From 2026-09-22 onward, new posts also ship full per-verse word-for-word English inside each verse’s details.
Note
This English block is intentionally minimizable. It does not replace the Sanskrit text.
पूर्ण-शीर्षकम्
प्रयोगन्यायः: A Metrical Codification of Experimentation and A/B Tests
परम्परा-सन्धिः
| पूर्वं | अत्र किम् उपचीयते | किं न पुनरुच्यते |
|---|---|---|
| छायातुलना (२० अगस्त) | dark learning | visible assignment |
| नीलाहरितम् (१९ अगस्त) | full stack swap | cohort experiments |
| सेवास्तररक्षा (८ जुलै) | what good is | metric choice |
| इदं शास्त्रम् | canary A/B randomization ethics decision | - |
ग्राह्य-त्याज्य-विवेकः
ग्राह्यम्
१. परिकल्पना: primary metric stated first
२. यादृच्छिकीकरणम्: units assigned without bias games
३. कैनरी: small ramp with abort
४. ए/बी: compare variants under same window
५. शक्तिः: sample size / runtime honesty
६. नैतिकसीमा: guardrails on harm
७. निर्णयलेखः: ship revert hold recorded
त्याज्यम्
- peeking until significance then stopping as doctrine
- many metrics without pre-registration story
- experiments on irreversible harm without ethics path
अध्याय-योजना
| प्रकरणम् | विषयः | छन्दः | श्लोकाः |
|---|---|---|---|
| १ | मङ्गलं बीजं च | अनुष्टुभ् | २ |
| २ | मूलतत्त्वानि | अनुष्टुभ् | २ |
| ३ | मुख्यविधिः | उपजाति | १ |
| ४ | रक्षा · संकेतम् | अनुष्टुभ् | २ |
| ५ | विवेक · सीमा | अनुष्टुभ् | २ |
| ६ | पूर्वसन्धिः | उपजाति | १ |
| ७ | उपसंहारः | अनुष्टुभ् | २ |
पारिभाषिक-कोशः
| आधुनिकम् | संस्कृतम् | टिप्पणी |
|---|---|---|
| experiment | प्रयोगः | |
| A/B test | ए/बी / द्वैधपरीक्षा | |
| canary | कैनरी / अल्पप्रवाहः | |
| randomization | यादृच्छिकीकरणम् | |
| unit of diversion | विभाजनैककम् | user/session/device |
| primary metric | मुख्यमाप्यम् | |
| guardrail metric | रक्षामाप्यम् | |
| statistical power | सांख्यिकीशक्तिः | |
| SRM | नमूनासमताभङ्गः | sample ratio mismatch |
| feature flag | लक्षणध्वजः |
प्रयोगक्रमः
| चरणः | कर्म |
|---|---|
| १ | hypothesis + primary metric |
| २ | guardrails + ethics bounds |
| ३ | randomize + log assignment |
| ४ | ramp canary |
| ५ | analyze power-honestly |
| ६ | decide ship/revert/hold with note |
श्लोकः १ (अनुष्टुभ्)
तदा सत्यं न लभ्येत केवलं कथा प्रवर्धते ॥१॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
बिना परिकल्पनां माप्यं यदि पश्चाद् विचिनुते ।
तदा सत्यं न लभ्येत केवलं कथा प्रवर्धते ॥१॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| परिकल्पनाम् | hypothesis first |
| पश्चाद् विचिनुते | metric shopping after |
| कथा | story not science |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः २ (अनुष्टुभ्)
बहुषु जालेषु सक्तो नरः मिथ्याजयम् आप्नुयात् ॥२॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
मुख्यमाप्यं एकं स्याद् रक्षामाप्यानि च पृथक् ।
बहुषु जालेषु सक्तो नरः मिथ्याजयम् आप्नुयात् ॥२॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| मुख्यमाप्यम् | single primary |
| रक्षामाप्यानि | guardrails |
| मिथ्याजयम् | false win via multiplicity |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ३ (अनुष्टुभ्)
हस्तक्षेपे पक्षपातो जनसत्यं दूषयत्यलम् ॥३॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
यादृच्छिकं विभाजनं स्याद् एककस्य स्थिरं फलम् ।
हस्तक्षेपे पक्षपातो जनसत्यं दूषयत्यलम् ॥३॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| यादृच्छिकं विभाजनम् | random assignment |
| एककस्य स्थिरम् | stable unit sticky |
| हस्तक्षेपे | manual biased assign |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ४ (अनुष्टुभ्)
स्तम्भपथः सज्जो यत्र दहनोऽतिदारुणो भवेत् ॥४॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
कैनरी अल्पप्रवाहेण दोषान् शीघ्रं प्रकाशयेत् ।
स्तम्भपथः सज्जो यत्र दहनोऽतिदारुणो भवेत् ॥४॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| अल्पप्रवाहेण | small traffic share |
| स्तम्भपथः | abort/kill switch |
| दहनोऽतिदारुणः | severe burn |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ५ (उपजाति)
जनखण्डे यादृच्छिके स्याताम् ।
एकं विना नियंत्रणं जयो
गर्वमात्रं न तु शास्त्रम् ॥५॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
ए च बी च तुल्यकाले दृश्ये
जनखण्डे यादृच्छिके स्याताम् ।
एकं विना नियंत्रणं जयो
गर्वमात्रं न तु शास्त्रम् ॥५॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| ए च बी च | variants A and B |
| तुल्यकाले | same time window |
| नियंत्रणम् | control |
| गर्वमात्रम् | vanity not evidence |
न्यायः: sequential deploy without control confuses seasonality with effect.
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ६ (अनुष्टुभ्)
मुख्यजयोऽपि न ग्राह्यः जनहानेः पुरः सदा ॥६॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
रक्षामाप्ये यदि भग्ने प्रयोगं स्तम्भयेत् सुधीः ।
मुख्यजयोऽपि न ग्राह्यः जनहानेः पुरः सदा ॥६॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| रक्षामाप्ये भग्ने | guardrail failed |
| स्तम्भयेत् | stop ramp |
| जनहानेः पुरः | before user harm |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ७ (अनुष्टुभ्)
कालं नमुनां च गणय्यैव निर्णयो विधीयताम् ॥७॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
शक्तिहीने नमुने जयो दुर्बलो वाक्प्रपञ्चवत् ।
कालं नमुनां च गणय्यैव निर्णयो विधीयताम् ॥७॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| शक्तिहीने नमुने | underpowered sample |
| वाक्प्रपञ्चवत् | like word-play |
| गणय्यैव | compute first |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ८ (अनुष्टुभ्)
लॉग्-लेखे भागान् पश्येद् यन्त्रदोषान् विशोधयेत् ॥८॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
नमूनासमता यदि भग्ना तदा यादृच्छिकं शङ्क्यम् ।
लॉग्-लेखे भागान् पश्येद् यन्त्रदोषान् विशोधयेत् ॥८॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| नमूनासमता | SRM / expected ratios |
| यादृच्छिकं शङ्क्यम् | randomization suspect |
| भागान् | assignment shares |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ९ (अनुष्टुभ्)
लाभतृष्णा नो धर्मः परपीडायाः कदाचन ॥९॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
नैतिकसीमा लेख्या स्याद् यत्र हिंसा संभवति ।
लाभतृष्णा नो धर्मः परपीडायाः कदाचन ॥९॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| नैतिकसीमा | ethics bounds |
| हिंसा संभवति | possible harm |
| परपीडायाः | of others’ pain |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १० (उपजाति)
प्रयोगः स्पृशति मितं जनम् ।
स्विचः वहति सर्वं पश्चाद्
निर्णयलेखेन बद्धः स्यात् ॥१०॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
छाया शिक्षते बिना दाहेन
प्रयोगः स्पृशति मितं जनम् ।
स्विचः वहति सर्वं पश्चाद्
निर्णयलेखेन बद्धः स्यात् ॥१०॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| बिना दाहेन | shadow no burn |
| मितं जनम् | experiment cohort |
| निर्णयलेखेन | decision record |
सन्धिः: release path trilogy shadow / experiment / blue-green.
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ११ (अनुष्टुभ्)
पञ्चाङ्गं प्रयोगन्यायस्य निर्णयसमन्वितम् ॥११॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
परिकल्पना यादृच्छिकं कैनरी शक्तिर् नैतिकता ।
पञ्चाङ्गं प्रयोगन्यायस्य निर्णयसमन्वितम् ॥११॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| पञ्चाङ्गम् | five limbs + decision log |
| निर्णयसमन्वितम् | with ship/revert/hold |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १२ (अनुष्टुभ्)
न गर्वो न च कातर्यं तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥१२॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
इति प्रयोगन्यायसारोऽयं मितसत्यसमन्वितः ।
न गर्वो न च कातर्यं तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥१२॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| मितसत्यम् | measured truth |
| न गर्वः | not vanity ship |
| न कातर्यम् | not fear of ever testing |
| तन्त्रधर्मः | platform dharma |
उपसंहारन्यायः: मापय; भागं कुरु; रक्ष; ततः वद।
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकसूची
१. परिकल्पनापूर्वम्
२. मुख्यमाप्यम्
३. यादृच्छिकीकरणम्
४. कैनरीक्रमः
५. ए/बी सत्यम्
६. रक्षामाप्यम्
७. शक्तिः नमुना
८. नमूनासमता
९. नैतिकसीमा
१०. छाया-स्विचसन्धिः
११. पञ्चाङ्गप्रयोगः
१२. मितसत्यधर्मः
सन्दर्भाः
- Prior: छायातुलना (2026-08-20), नीलाहरितम् (2026-08-19), सेवास्तररक्षा (2026-07-08).
- Domain practice: canary ramps, A/B assignment, guardrail metrics, decision logs.
- Style: no em dash; no Oxford comma in English clauses.