भङ्गिरोधः। पुनःप्रयासन्याये (१४ अगस्त) मितयत्नः। अत्र पतिते पक्षे कदा यत्न एव स्तभ्यते। त्रयः अवस्थाः: पिहितम्, अर्धोन्मुक्तम्, मुक्तम्। पतनगणना, स्वस्थपरीक्षा, कालद्वारम्। न द्वेषः सेवायां; आत्मरक्षा पररक्षा च।
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English title
भङ्गिरोधः: A Metrical Codification of Circuit Breakers
Context and topics
This verse treatise is part of the 2026 Sanskrit systems series (reader format). Primary topics: circuit-breaker, resilience, reliability and sre.
How to read
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Note
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पूर्ण-शीर्षकम्
भङ्गिरोधः: A Metrical Codification of Circuit Breakers
परम्परा-सन्धिः
| पूर्वं | अत्र किम् उपचीयते | किं न पुनरुच्यते |
|---|---|---|
| पुनःप्रयासन्यायः | how one client retries | backoff formulas |
| सीमादरः | admission rate | token math |
| आश्रिततामानचित्रम् | who depends on whom | full graph walk |
| इदं शास्त्रम् | open / half-open / closed, fail-fast, probe | - |
ग्राह्य-त्याज्य-विवेकः
ग्राह्यम्
१. त्रिअवस्था: closed (normal), open (fail fast), half-open (probe).
२. पतनगणना: error rate or consecutive failures trip open.
३. कालद्वारम्: open duration before probe.
४. स्वस्थपरीक्षा: limited trial calls in half-open.
५. शीघ्रपतनम्: fail fast protects caller threads.
६. क्षेत्रभेदः: break per dependency not one global switch.
७. पुनःप्रयाससन्धिः: breaker sits above raw retry storms.
त्याज्यम्
- one breaker for the entire mesh without isolation.
- half-open that dumps full traffic at once.
- treating open as permanent death of a dependency.
अध्याय-योजना
| प्रकरणम् | विषयः | छन्दः | श्लोकाः |
|---|---|---|---|
| १ | मङ्गलं प्रयोजनं च | अनुष्टुभ् | २ |
| २ | त्रिअवस्था | अनुष्टुभ् | २ |
| ३ | पतनगणना | उपजाति | १ |
| ४ | अर्धोन्मुक्तं परीक्षा | अनुष्टुभ् | २ |
| ५ | क्षेत्र · शीघ्रपतनम् | अनुष्टुभ् | २ |
| ६ | यत्नसन्धिः | उपजाति | १ |
| ७ | उपसंहारः | अनुष्टुभ् | २ |
पारिभाषिक-कोशः
| आधुनिकम् | संस्कृतम् | टिप्पणी |
|---|---|---|
| circuit breaker | भङ्गिरोधः / परिपथरोधः | |
| closed | मुक्तम् / पिहितं न | normal calling |
| open | पिहितम् | fail fast no call |
| half-open | अर्धोन्मुक्तम् | limited probes |
| trip / open | उद्घाटनम् / स्तम्भः | move to open |
| success threshold | सिद्धिसीमा | probes to close again |
| failure threshold | पतनसीमा | errors to open |
| fail fast | शीघ्रपतनम् | return error without wait |
| bulkhead (related) | कोष्ठभेदः | isolate pools (next kin) |
| dependency | आश्रयसेवा | downstream |
अवस्थाचक्रम्
| अवस्था | व्यवहारः | निर्गमनम् |
|---|---|---|
| मुक्तम् (closed) | calls flow; count errors | trip if पतनसीमा |
| पिहितम् (open) | immediate error; no call | after कालद्वार → half-open |
| अर्धोन्मुक्तम् | few probes only | success → closed; fail → open |
श्लोकः १ (अनुष्टुभ्)
तदा स्वयमपि क्षीणः स्याद् रोधस्तस्माद् उदाहृतः ॥१॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
मृते पक्षे यदि नित्यं हस्तेन प्रहरेत् जनः ।
तदा स्वयम् अपि क्षीणः स्यात् रोधः तस्मात् उदाहृतः ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| मृते पक्षे | dead or dying dependency |
| नित्यं प्रहरेत् | keeps calling |
| स्वयमपि क्षीणः | caller pool exhausts |
| रोधः | the breaker |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः २ (अनुष्टुभ्)
आत्मने परस्मै चापि द्वयं धर्मस्य लक्षणम् ॥२॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
भङ्गिरोधः न द्वेषः स्यात् आश्रये रक्षणं तु तत् ।
आत्मने परस्मै च अपि द्वयं धर्मस्य लक्षणम् ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| न द्वेषः | not hatred of the dependency |
| आत्मने | protect self |
| परस्मै | protect peer callers and the sick service |
| द्वयम् | both aims |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ३ (अनुष्टुभ्)
अर्धे परीक्षा मित्या स्यात् त्रयमेतद् विधीयते ॥३॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
मुक्ते मार्गे प्रयाणं स्यात् पिहिते शीघ्रपतनम् ।
अर्धे परीक्षा मित्या स्यात् त्रयम् एतत् विधीयते ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| मुक्ते | closed/normal |
| पिहिते | open |
| शीघ्रपतनम् | fail fast |
| अर्धे परीक्षा | half-open probes |
| त्रयम् | three states |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ४ (अनुष्टुभ्)
दृश्यं विना न ज्ञायेत कदा रोधो विवर्तते ॥४॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
अवस्थानां क्रमः स्पष्टः लेख्यः यन्त्रे न गूढकः ।
दृश्यं विना न ज्ञायेत कदा रोधः विवर्तते ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| क्रमः स्पष्टः | state machine explicit |
| लेख्यः यन्त्रे | coded and metered |
| दृश्यम् | observable metrics/logs |
| विवर्तते | transitions |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ५ (उपजाति)
सीमां गते रोधः पिदधातु ।
नैकेनैव हि कम्पे सर्वं
न चान्धं दीर्घमौनं भवेत् ॥५॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
दोषाणां गणनं काले खिडक्यां सीमां गते रोधः पिदधातु ।
न एकेन एव हि कम्पे सर्वं न च अन्धं दीर्घमौनं भवेत् ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| गणनं खिडक्याम् | count in a sliding window |
| सीमां गते | threshold crossed |
| पिदधातु | must open |
| न एकेन कम्पे | not trip on a single blip |
| दीर्घमौनम् | nor stay open forever blindly |
न्यायः: prefer error rate in a window over a single failure. Tune to dependency SLO not to pride.
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ६ (अनुष्टुभ्)
मितैः प्रयासैः परीक्षा स्यात् न सर्वैः सहसा पतत् ॥६॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
पिहितात् ऊर्ध्वं कालेन द्वारं किञ्चित् अपावृतम् ।
मितैः प्रयासैः परीक्षा स्यात् न सर्वैः सहसा पतत् ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| कालेन | after open timeout |
| किञ्चिद् अपावृतम् | half-open crack |
| मितैः प्रयासैः | few probe calls |
| न सर्वैः सहसा | not full herd at once |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ७ (अनुष्टुभ्)
पतनं चेत् पुनः पिह्यात् क्रमोऽयं स्थिरतावहः ॥७॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
सिद्धे परीक्षणे मार्गः पुनः मुक्तः विधीयते ।
पतनं चेत् पुनः पिह्यात् क्रमः अयम् स्थिरतावहः ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| सिद्धे परीक्षणे | probes succeed |
| पुनर्मुक्तः | back to closed |
| पुनः पिह्यात् | re-open on fail |
| स्थिरतावहः | stability-bearing cycle |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ८ (अनुष्टुभ्)
एकस्मिन् पतितेऽन्येषां मार्गः स्याद् अनिर्वृतः ॥८॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
प्रति आश्रयं रोधः भिद्येत् न एकं सर्वकर्मसु ।
एकस्मिन् पतिते अन्येषां मार्गः स्यात् अनिर्वृतः ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| प्रत्याश्रयम् | per dependency |
| न एकं सर्वकर्मसु | not one global breaker |
| अनिर्वृतः | other paths stay free |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः ९ (अनुष्टुभ्)
चिराशा हि निगूढा स्याद् यन्त्रस्य गलमूषिका ॥९॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
शीघ्रपतनं रक्षति ऊर्जां सूत्रे काले च बन्धने ।
चिराशा हि निगूढा स्यात् यन्त्रस्य गलमूषिका ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| शीघ्रपतनम् | fail fast |
| ऊर्जां सूत्रे | thread/worker energy |
| चिराशा | long hung hope |
| गलमूषिका | throat-mouse: choke point |
रूपकम्: hung calls are a mouse in the throat of the pool.
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १० (उपजाति)
मूढो हि सोऽयं समवर्गहेतुः ।
मुक्ते तु मित्या विस्पन्दयुक्तो
यत्नः सहायः न तु विप्रियः स्यात् ॥१०॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
यदा पिहितं तदा यत्नः निषिद्धः मूढः हि सः अयम् समवर्गहेतुः ।
मुक्ते तु मित्या विस्पन्दयुक्तः यत्नः सहायः न तु विप्रियः स्यात् ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| पिहिते यत्नः निषिद्धः | no retry storm while open |
| समवर्गहेतुः | cause of thundering herd |
| मुक्ते मित्या | when closed, measured retry ok |
| विस्पन्दयुक्तः | with jitter |
सन्धिः: भङ्गिरोधः gates; पुनःप्रयासः fills gaps only in closed/half-open policy.
वृत्तमिति: एकादशाक्षराः पादाः।
श्लोकः ११ (अनुष्टुभ्)
एभिर्भङ्गिरोधः स्यात् सेवारक्षासमन्वितः ॥११॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
अवस्था त्रयं गणना परीक्षा क्षेत्रं च पञ्चकम् ।
एभिः भङ्गिरोधः स्यात् सेवारक्षा समन्वितः ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| पञ्चकम् | five limbs: states, count, probe, scope, fail-fast |
| सेवारक्षासमन्वितः | aligned with SLO dharma |
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकः १२ (अनुष्टुभ्)
शीघ्रं सत्यं क्रियायोग्यं तन्त्रधर्मः स उच्यते ॥१२॥
पदच्छेदः · शब्दार्थः · व्युत्पत्तिः
पदच्छेदः
इति भङ्गिरोधसारः अयम् पतितपक्षरक्षकः ।
शीघ्रं सत्यं क्रियायोग्यं तन्त्रधर्मः सः उच्यते ॥
| पदम् | अर्थः |
|---|---|
| पतितपक्षरक्षकः | guards against dead peer pull-down |
| शीघ्रं सत्यम् | fast honest failure |
| क्रियायोग्यम् | operable |
उपसंहारन्यायः: यत्नः आशा; रोधः विवेकः; उभौ मिलित्वा cascade नश्यति।
वृत्तमिति: ८-८-८-८।
श्लोकसूची
१. मृते पक्षे आत्मक्षयः
२. रोधो न द्वेषः द्वयरक्षा
३. त्रिअवस्था
४. अवस्था दृश्या लेख्या
५. पतनगणना खिडक्याम्
६. अर्धोन्मुक्तपरीक्षा
७. सिद्धि-पतनचक्रम्
८. प्रत्याश्रयभेदः
९. शीघ्रपतनम्
१०. रोध-यत्नसन्धिः
११. पञ्चाङ्गसारः
१२. पतितपक्षरक्षादर्मः
सन्दर्भाः
- Prior posts: पुनःप्रयासन्यायः (2026-08-14), सीमादरः (2026-08-13), आश्रिततामानचित्रम् (2026-07-14).
- Domain practice: closed/open/half-open breakers, per-dependency isolation, fail-fast.
- Style: no em dash; no Oxford comma in English clauses.